अगर आप अपने घर में सुख-शांति चाहते हैं तो देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी आशीर्वाद जरूरी है। ऐसा माना जाता है कि पितृ ही वो माध्यम हैं जो आपकी इच्छाओं को देवताओं तक पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे में हमारा कर्तव्य बनता है कि हम अपने हर संभव पूर्वज को खुश रखें। ऐसे में आइए जानते हैं कि पितृपक्ष के दौरान किन जगहों पर दीपक जलाने से पितर प्रसन्न होते हैं।
पीपल का पेड़
हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार पीपल के पेड़ में देवी-देवताओं का वास होता है। पुराण कहते हैं कि पीपल के वृक्ष में देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी वास होता है। ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान जब पूर्वज धरती पर आते हैं तो पीपल के पेड़ पर निवास करते हैं। इसलिए कहा जाता है पितृपक्ष के दिनों में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जरूर जलाना चाहिए। ऐसा करने से परिवार पर सदैव पितर की कृपा बनी रहती है।
घर का मुख्य द्वार
ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर घर के मुख्य द्वार से घर में प्रवेश करते हैं। ऐसे में पितृपक्ष के दौरान हर शाम मुख्य दरवाजे पर दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और घर में सकारात्मकता बनी रहती है।
दक्षिण दिशा की ओर
गरुड़ पुराण में दक्षिण दिशा को यम की दिशा कहा गया है। मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर भी इसी दिशा से आते हैं। इसलिए पितृपक्ष के दौरान दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
तस्वीर के सामने
पितृपक्ष में पितरों की तस्वीरों की पूजा की जाती है। इसके बाद ज्यादातर लोग इस पर ध्यान भी नहीं देते हैं लेकिन शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष के दौरान हर दिन पितर की तस्वीर के सामने दीपक जरूर जलाना चाहिए।
Posted On:Wednesday, September 18, 2024